Kumar Vishwas Ji Shayari : Kumar Vishwas Ji Shayari is a special collection for Hindi poetry lovers. Kumar Vishwas’s poetry captures the depth of love, emotions, memories, and the beautiful feelings of life. In this post, you’ll find a wonderful collection of Kumar Vishwas Shayari, Kumar Vishwas’s poetry, love poetry, and heart-touching poetry. If you enjoy emotional and beautiful Hindi poetry, this collection will definitely be special for you.
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2 Line Shayari

जब से मिला है साथ मुझे आप का हुजूर, सब ख़्वाब ज़िंदगी के हमारे सँवर गए।✍️🍂🥀
फिर मेरी याद आ रही होगी, फिर वो दीपक बुझा रही होगी।💕😊
दिल के तमाम ज़ख़्म तेरी हाँ से भर गए, जितने कठिन थे रास्ते वो सब गुज़र गए।❤️💕
चारों तरफ़ बिखर गईं साँसों की खुशबुएँ, राह-ए-वफ़ा में आप जहाँ भी जिधर गए।💯❤️
प्यार जब जिस्म की चीखों में दफ़न हो जाए, ओढ़नी इस तरह उलझे कि कफ़न हो जाए।✍️🥀
दो शब्द तसल्ली के नहीं मिलते इस शहर में, लोग दिल में भी दिमाग लिए फिरते हैं।🍂✍️
जो किए ही नहीं कभी मैंने, वो भी वादे निभा रहा हूँ मैं।🥀🍂
मुझसे फिर बात कर रही है वो, फिर से बातों मे आ रहा हूँ मैं।😊💕
आप के बाद हर घड़ी हम ने, आप के साथ ही गुज़ारी है।✍️🍂💯
वक़्त रहता नहीं कहीं टिक कर, आदत इस की भी आदमी सी है🍂💕
जिंदगी यूँ हुई बसर तन्हा, काफिला साथ और सफर तन्हा।🥀🍂💯
हारा हुआ सा लगता है वजूद मेरा, हर एक ने लूटा है दिल का वास्ता देकर।🥀💯
अपने होने का जो हक जताते हैं, अक्सर वही लोग धोखा दे जाते हैं।💗💯
दीवानगी का सितम तो देखो कि धोखा, मिलने के बाद भी चाहत उसकी ही है।🥀💯
शायद देने के लिए कुछ नही था उसके, पास तो उसने धोखा ही दे दिया।💗🍂
दुनिया धोखा देकर अक्लमंद हो गई, और हम भरोसा कर के गुनाहगार हो गए।🍂💯
लोग गलत इंसान से धोखा खाकर, सही इंसान से बदला लेते हैं।🥀💯
जो मौका दे उसे कभी धोखा मत देना, और जो धोका दे उसे कभी मौका मत देना।🥀🍂
नसीब का प्यार और गरीब की दोस्ती, कभी धोखा नही देती।💯💗
इंसान चाहे कितना भी मजबूत हो, वो टूट ही जाता है जब धोखा अपनो से खाता है।🍂💯
हम दोनों ही धोखा खा गए, मैंने तुम्हे औरों से अलग समझा और तुमने मुझे औरों जैसा।💗🥀💯
4 Line Shayari in Hindi

उसी की तरह मुझे सारा ज़माना चाहे, वो मिरा होने से ज़्यादा मुझे पाना चाहे।💗🥀💯
जिंदगी में संभल कर चलना तो हमने भी सीखा था, लेकिन जिससे ठोकर लगी वो पत्थर ही अपना था।🍂💯
वक्त इशारा देता रहा, हम इत्तेफ़ाक समझते रहे, बस यूं ही धोखा खाते रहे और इस्तेमाल होते गए।🍂💗
छू गया जब कभी खयाल तेरा, दिल मेरा देर तक धड़कता रहा,कल तेरा ज़िक्र छिड़ गया था घर में, और घर देर तक महकता रहा।💯🥀
शोर के बीच ये मेरी चुप्पी, सुनके मैं ख़ुद ही चौंक जाता हूँ, सच तो होता नहीं बर्दाश्त तुम्हें, झूठ मैं बोल नहीं पाता हूँ।🍂✍️
मेरे ख्वाबों मे जो तैरती थी, अप्सरा तू वही हूबहू है, एक मैं हूं यहाँ एक तू है।💗🥀
मैं ज़माने की ठोकर ही खाता रहूँ, तुम ज़माने की ठोकर लगाती रही, जिंदगी के कमल पर गिरुँ ओस-सा, रोष की धूप बन तुम सुखाती रही।🍂💗
जिंदगी से लड़ा हूँ तुम्हारे बिना, हाशिए पर पड़ा हूँ तुम्हारे बिना,तुम गई छोड़कर, जिस जगह मोड़ पर, मैं वहीं पर खड़ा हूँ तुम्हारे बिना।🫰❤️
कोई खामोश है इतना, बहाने भूल आया हूँ,किसी की इक तरनुम में, तराने भूल आया हूँ, मेरी अब राह मत तकना कभी ए आसमां वालो, मैं इक चिड़िया की आँखों में, उड़ाने भूल आया हूँ।🥀💗
ख़ुद भी शामिल नहीं सफ़र में, पर लोग कहते हैं काफिला हूँ, मैं ऐ मुहब्बत तेरी अदालत में एक शिकवा हूँ, एक गिला हूँ मैं |✍️🥀
रिश्ते तो वो आईना हैं, जो सच दिखा जाते हैं, कभी आँसू बनके, कभी हँसी दे जाते हैं, निभाने वाले तो आज भी जान लुटा देते हैं, बस कुछ लोग मतलब के मौसम में बदल जाते हैं।🍂😊
मैं उसका हूँ वो इस एहसास से इनकार करती है, भरी महफ़िल में भी, रुसवा हर बार करती है, यकीं है सारी दुनिया को, खफा है हमसे वो लेकिन, मुझे मालूम है फिर भी मुझी से प्यार करती है।🥀🍂
सालों बीत जाते हैं तिनका तिनका सिमटने में, तब कहीं जाकर हो पाते हैं घोंसले मयस्सर, कमियां नहीं पैदा कर पाती दूरियां कभी सीमा, बस खुदगर्जी की चिंगारी ही हवा दे जाती है अक्सर।😊🍂
उसी की तरह मुझे सारा जमाना चाहे, वह मेरा होने से ज्यादा मुझे पाना चाहे, मेरी पलकों से फिसल जाता है चेहरा तेरा, यह मुसाफिर तो कोई ठिकाना चाहे।🥀✍️
आसान नहीं हैं एक औरत का किरदार निभाना, एक सफेद चादर हैं और दाग, पानी से भी लग सकता हैं।🍂💯
मै तुझसे दूर कैसा हूँ, तू मुझसे दूर कैसी है, ये तेरा दिल समझता है, या मेरा दिल समझता है।🍂💞
इस अधूरी जवानी का क्या फ़ायदा, बिन कथानक कहानी का क्या फ़ायदा, जिसमें धुलकर नज़र भी न पावन बनी, आंख में ऐसे पानी का क्या फ़ायदा।🍂💞
जब भी मुँह ढंक लेता हूँ, तेरे जुल्फों की छाँव में, कितने गीत उतर आते हैं, मेरे मन के गाँव में।💯💞
कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझाता है, मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है, मै तुझसे दूर कैसा हूँ, तू मुझसे दूर कैसी है, ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है।🥀✍️
हमारे शेर सुनकर भी जो खामोश इतना है, खुदा जाने गुरुर ए हुस्र में मदहोश कितना है, किसी प्याले से पूछा है सुराही ने सबब मय का, जो खुद बेहोश हो वो क्या बताये होश कितना है।💯🍂
हमें मालूम है दो दिल जुदाई सह नहीं सकते, मगर रस्मे-वफ़ा ये है कि ये भी कह नहीं सकते, जरा कुछ देर तुम उन साहिलों कि चीख सुन भर लो, जो लहरों में तो डूबे हैं, मगर संग बह नहीं सकते।💯🍂
तू अगर खुद पे यक़ीन रखे तो किस्मत भी झुकेगी, तेरे इरादों की लौ से हर मुश्किल सुलगेगी, रात चाहे कितनी लंबी हो, सवेरा ज़रूर आएगा, जो जलता है मेहनत से, वो ही जगमगाएगा।🥀✍️
कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझाता है, हर धरती की बेचैनी को बस, बादल समझता है।🍂💞
Thank you 😊