Firaq Gorkhpuri Shayari :-फिराक़ साहब की शायरी में शब्द नहीं, बल्कि दिल की आवाज़ होती है, वे प्यार को सिर्फ एक एहसास नहीं, बल्कि ज़िंदगी की सच्चाई मानते थे। उनकी पंक्तियाँ सीधी-सादी होती हैं, लेकिन उनमें छुपे दिल को छू जाते हैं। ओर इनकी शायरी बहुत ही कुछ बाते वया करती हैं। इनकी शायरी में इश्क़, जुदाई, प्यार, दर्द और इंसानियत की गहरी बातें मिलती हैं। जो हमें अच्छी रास्ते पर ले जाती है।
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फ़िराक शायरी

कुछ ऐसी भी गुजरी हैं तेरे हिज्र में रातें, दिल दर्द से खाली हो मगर बींद न आए।🥀💯

आए थे हँसते खेलते मय-खाने में ‘फ़िराक़’, जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए।💯🥀💯

रात भी नींद भी कहानी भी, हाए क्या चीज़ है जवानी भी।🥀💯🥀

आई है कुछ न पूछ क़यामत कहाँ कहाँ, उफ़ ले गई है मुझ को मोहब्बत कहाँ कहाँ।🥀💯🥀

मुद्दतें गुजरी, तेरी याद भी आई ना हमें, और हम भूल गये हों तुझे, ऐसा भी नहीं।💯🥀💯

आए थे हँसते खेलते मय-खाने में ‘फ़िराक़’ जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए।🥀💯🥀

एक मुद्दत से तिरी याद भी आई न हमें, और हम भूल गए हों तुझे ऐसा भी नहीं।💯🥀💯

हम से क्या हो सका मोहब्बत में, खैर तुम ने तो बेवफ़ाई की।🥀💯🥀
शायरी
बेखुदी में एक ख़लिश सी भी न हो ऐसा नहीं, तून आये याद लेकिन मैं तुझे भुला नहीं।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
रफ़्ता रफ़्ता गैर अपनी ही नज़र में हो गए, वाह-री गफलत तुझे अपना समझ बैठे थे हम।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
जो हंसते-बोलते चुप हो गया हूं, मुझे ऐ दोस्त कुछ याद आ गया है, नहीं आती तिरी भी याद बरसों, तिरा इश्क अब तो हद से बढ़ गया है।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
अब तो उन की याद भी आती नहीं, कितनी तन्हा हो गईं तन्हाइयाँ।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
सोज़-ओ-गुदाज़ में जब पुख़्तगी, आ जाती है तो ग़म, ग़म नहीं, रहता बल्कि एक रुहानी, संजीदगी में बदल जाता है।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं, तुझे ऐ ज़िंदगी हम दूर से पहचान लेते हैं।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
आई है कुछ न पूछ क़यामत कहाँ कहाँ, उफ़ ले गई है मुझ को मोहब्बत कहाँ कहाँ।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
मुद्दतें गुजरी, तेरी याद भी आई ना हमें, और हम भूल गये हों तुझे, ऐसा भी नहीं।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
खामोश शहर की चीखती रातें, सब चुप है पर, कहने को है हजार बातें।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
ये माना जिंदगी है चार दिन की, बहुत होते हैं यारों चार दिन भी।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
बहुत पहले से उन कदमों की आहट जान लेते हैं, तुझे ऐ जिन्दगी, हम दूर से पहचान लेते हैं।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई, देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
तुम मुखातिब भी हो क़रीब भी हो, तुम को देखें कि तुम से बात करें।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
आँखों में जो बात हो गई है, इक शरह-ए-हयात हो गई है।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
कमी न की तिरे वहशी ने ख़ाक उड़ाने में, जुनूँ का नाम उछलता रहा ज़माने में।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
इसी खंडर में कहीं कुछ दिए हैं टूटे हुए, इन्हीं से काम चलाओ बड़ी उदास है रात।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
दिखा तो देती है बेहतर हयात के सपने, ख़राब हो के भी ये ज़िंदगी ख़राब नहीं।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
वो जा भी चुका कब का वो भूल, चुका कब का दिल है, कि फ़िराक़ अब तक दामन कोछुड़ाए है।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
ज़ब्त कीजे तो दिल है अँगारा, और अगर रोइए तो पानी है।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
मुझ को मारा है हर इक दर्द ओ दवा से पहले, दी सज़ा इश्क़ ने हर जुर्म-ओ-ख़ता से पहले।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
मौत का भी इलाज हो शायद, जिंदगी का कोई इलाज नहीं।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
ये माना जिंदगी है चार दिन की, बहुत होते हैं यारों चार दिन भी।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
ये माना ज़िंदगी है चार दिन की, बहुत होते हैं यारो चार दिन भी।💯🫰🥀
फ़िराक गोरखपुरी शायरी
Thank you 😊